मोहब्बत शायरी

इश्क़ रब की सियासत है
इंसानो की नही चलती ।
यहाँ बेवफा सिकन्दर है
दीवानो की नही चलती ।
                 - दिव्यांश पाठक

Comments

Popular posts from this blog

माँ शायरी

घर