जब मस्जिदों से नमाज़ पढ़ के भाई मुसलमान आया है । सफेद चादर ओढ़ के मेरा हिंदुस्तान आया है । शाम को फिर महक उठेंगे बज़ार हमारे ! हमारे देश में फिर दौर-ऐ-रमजान आया है । ...
मुर्दो के शहर में जान तो ढूंढ लो । दुसरो के तलवे चाटने वाले ख़ुद की पहचान तो दुंद लो । ढूंढ़ रहे हो फरिश्ते तुम इस जहा में , खुदा तो मिल ही जायेगा पहले इंसान तो ढूंढ़ लो । ...