इंसान Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 26, 2017 मुर्दो के शहर में जान तो ढूंढ लो । दुसरो के तलवे चाटने वाले ख़ुद की पहचान तो दुंद लो । ढूंढ़ रहे हो फरिश्ते तुम इस जहा में , खुदा तो मिल ही जायेगा पहले इंसान तो ढूंढ़ लो । - दिव्यांश पाठक Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
मोहब्बत शायरी May 19, 2017 इश्क़ रब की सियासत है इंसानो की नही चलती । यहाँ बेवफा सिकन्दर है दीवानो की नही चलती । - दि व्यांश पाठक Read more
माँ शायरी May 19, 2017 आज तक कभी वो मुझसे कुछ फरमान नही करती । वो एक माँ ही है जो कभी अहसान नही करती। - दिव्यांश पाठक Read more
घर May 26, 2017 माना पंछी का आशियाना पतवार ओर खर होता है । मगर अपना घर तो सबके लिए घर होता है । - दिव्यांश पाठक Read more
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