रमजान मुबारक

जब मस्जिदों से नमाज़ पढ़ के भाई मुसलमान आया है ।
सफेद चादर ओढ़ के मेरा हिंदुस्तान आया है ।
शाम को फिर महक उठेंगे बज़ार हमारे !
हमारे देश में फिर दौर-ऐ-रमजान आया है ।
                                  - दिव्यांश पाठक

Comments

Popular posts from this blog

मोहब्बत शायरी

माँ शायरी

घर