रमजान मुबारक Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 27, 2017 जब मस्जिदों से नमाज़ पढ़ के भाई मुसलमान आया है । सफेद चादर ओढ़ के मेरा हिंदुस्तान आया है । शाम को फिर महक उठेंगे बज़ार हमारे ! हमारे देश में फिर दौर-ऐ-रमजान आया है । - दिव्यांश पाठक Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
मोहब्बत शायरी May 19, 2017 इश्क़ रब की सियासत है इंसानो की नही चलती । यहाँ बेवफा सिकन्दर है दीवानो की नही चलती । - दि व्यांश पाठक Read more
माँ शायरी May 19, 2017 आज तक कभी वो मुझसे कुछ फरमान नही करती । वो एक माँ ही है जो कभी अहसान नही करती। - दिव्यांश पाठक Read more
घर May 26, 2017 माना पंछी का आशियाना पतवार ओर खर होता है । मगर अपना घर तो सबके लिए घर होता है । - दिव्यांश पाठक Read more
Comments
Post a Comment