pathak's way Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 31, 2017 चलिए आप समंदर के साथ भी , थोड़ा बरसाइये आप बरसात भी। जो अपने महबूब के यादो में खोया है , जाइये आप उनके आँखों के पास भी। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
मोहब्बत शायरी May 19, 2017 इश्क़ रब की सियासत है इंसानो की नही चलती । यहाँ बेवफा सिकन्दर है दीवानो की नही चलती । - दि व्यांश पाठक Read more
माँ शायरी May 19, 2017 आज तक कभी वो मुझसे कुछ फरमान नही करती । वो एक माँ ही है जो कभी अहसान नही करती। - दिव्यांश पाठक Read more
घर May 26, 2017 माना पंछी का आशियाना पतवार ओर खर होता है । मगर अपना घर तो सबके लिए घर होता है । - दिव्यांश पाठक Read more
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