koi or jinda rahta is matlabi main he Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 02, 2017 गुलाब की खुसबू , उसके हर कली में रहती हे। नहीं पता वो आज कल किस गली में रहती हे। मुझे खुद गरज़ कहने वाले सुन्न लो। किसी की याद जिन्दा इस मतलबी में रहती हे। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
मोहब्बत शायरी May 19, 2017 इश्क़ रब की सियासत है इंसानो की नही चलती । यहाँ बेवफा सिकन्दर है दीवानो की नही चलती । - दि व्यांश पाठक Read more
माँ शायरी May 19, 2017 आज तक कभी वो मुझसे कुछ फरमान नही करती । वो एक माँ ही है जो कभी अहसान नही करती। - दिव्यांश पाठक Read more
घर May 26, 2017 माना पंछी का आशियाना पतवार ओर खर होता है । मगर अपना घर तो सबके लिए घर होता है । - दिव्यांश पाठक Read more
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